पंडित शार्ङ्गदेव द्वारा रचित ग्रंथ संगीत रत्नाकर को हिंदुस्तानी और कर्नाटक दोनों संगीत पद्धतियों में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। तेरहवीं शताब्दी में रचित इस ग्रंथ में संगीत के क्रियात्मक और सैद्धांतिक दोनों पक्षों का विस्तृत विवेचन किया गया है।
संगीत रत्नाकर को सप्ताध्यायी भी कहा जाता है क्योंकि इसमें कुल सात अध्याय हैं:
सत्रहवीं शताब्दी (1650 ई.) में पंडित अहोबल द्वारा संस्कृत भाषा में रचित संगीत पारिजात उत्तर और दक्षिण दोनों संगीत पद्धतियों के लिए एक मील का पत्थर है। इसका फारसी अनुवाद 1724 ई. में किया गया जो रामपुर के रज़ा पुस्तकालय में सुरक्षित है।
इस ग्रंथ में कुल 708 श्लोक हैं और इसे दो खंडों में विभाजित किया गया है:
इस ग्रंथ के रचयिता नारद (देवर्षि नारद से भिन्न) माने जाते हैं। इसके रचना काल को लेकर विद्वानों में मतभेद है (कुछ इसे 7वीं-8वीं शताब्दी का तो कुछ इसे 13वीं शताब्दी के बाद का मानते हैं)।
संगीत मकरंद पहला ऐसा ग्रंथ है जिसमें रागों को पुरुष, स्त्री और नपुंसक रागों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इस ग्रंथ में 'रागिनी' शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है।
| राग का वर्ग | संबद्ध रस | संख्या |
|---|---|---|
| पुरुष राग | रौद्र, अद्भुत और वीर रस | 20 |
| स्त्री राग | शृंगार और करुण रस | 24 |
| नपुंसक राग | भयानक, हास्य और शांत रस | 13 |
ग्रंथ में नाद के निम्नलिखित भेदों का उल्लेख मिलता है:
“आयुधर्मयशोवृद्धि: धनधान्य फलम् लभेत।
रागाभिवृद्धि: सन्तानं पूर्णरागा प्रगीयते”भावार्थ / विश्लेषण: पूर्ण रागों के गायन से आयु, धर्म, यश, संतान, धन-धान्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह श्लोक दर्शाता है कि रागों के स्वर और उनकी प्रकृति मानव जीवन को गहरे स्तर पर प्रभावित करती है।
| स्तंभ 'अ' | स्तंभ 'आ' |
|---|---|
| 1. रागविवेकाध्याय | (ग) संगीत रत्नाकर |
| 2. देशी ताल | (घ) 120 |
| 3. रज़ा पुस्तकालय | (च) रामपुर |
| 4. वर्ण | (ङ) आरोही |
| 5. दशप्राण | (ख) काल-मार्ग |
| 6. अहोबल | (क) संगीत पारिजात |
1. संगीत पारिजात में दिए गए अलंकारों की कुल संख्या क्या है?
(क) 22 (ख) 12 (ग) 69 (घ) 67
2. पंडित अहोबल द्वारा सामान्य रूप से स्वीकृत किए गए ग्रामों की संख्या कितनी है?
(क) 10 (ख) 3 (ग) 2 (घ) 8
3. संगीत पारिजात में कितने श्लोक हैं?
(क) 708 (ख) 125 (ग) 700 (घ) 245
4. संगीत पारिजात में कितने रागों का वर्णन किया गया है?
(क) 123 (ख) 125 (ग) 127 (घ) 129
5. पंडित अहोबल ने किस ग्रंथ की रचना की थी?
(क) संगीत सार (ख) गीत गोविंद (ग) संगीत मकरंद (घ) संगीत पारिजात